Divyasanatan — दिव्यसनातन
    चालीसा
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    श्री नवग्रह चालीसा

    श्री नवग्रह चालीसा सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु की संयुक्त भक्तिपरक स्तुति है।

    द्वारा परंपरागत2026-09-01Shri Navgraha Chalisa

    DivyaSanatan लेख

    मुख्य लेख

    श्री नवग्रह चालीसा नवग्रहों की संयुक्त स्तुति का भक्तिपरक पाठ है। भारतीय ज्योतिष और धार्मिक परंपरा में सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु को नवग्रह कहा जाता है।

    नवग्रहों की उपासना जीवन में संतुलन, शुभता और आध्यात्मिक शांति की भावना से की जाती है। चालीसा में विभिन्न ग्रहों का स्मरण और उनकी कृपा की प्रार्थना की जाती है।

    यह पाठ धार्मिक दृष्टि से नवग्रह उपासना की सरल और लोकप्रिय विधियों में से एक है।