Drishya Dharma
Read this spiritual story.
उल्लू और बाज़ की मित्रता
स्वागत है आपका नीति-कथा में। कथा है—‘उल्लू और बाज़ की मित्रता’।”
बहुत समय पहले, एक घने जंगल में दो शक्तिशाली पक्षी रहते थे। पहला था उल्लू, जो रात में सक्रिय होता था। अंधेरे में उसकी आँखें चमकती थीं और वह हर चीज़ को साफ देख सकता था। रात के समय जंगल के सभी छोटे जीव उससे डरते और उसे अपना राजा मानते।
दूसरा था बाज़, जो दिन में आकाश पर राज करता था। उसकी उड़ान तेज़ थी, उसकी दृष्टि दूर-दूर तक जाती थी। दिन के समय वह किसी भी जानवर पर झपट्टा मार सकता था। सभी दिनचर जीव उससे भय खाते और उसे अपना स्वामी समझते थे।
शुरू में उल्लू और बाज़ दोनों मित्र बन गए।
उल्लू बोला—
“मित्र बाज़, जब तक हम एक हैं, तब तक कोई हमें हरा नहीं सकता। तुम दिन के समय जंगल पर नज़र रखो और मैं रात को। इस तरह पूरा जंगल हमारे अधीन रहेगा।”
बाज़ ने भी सहमति जताई—
“सही कहा। हमारी मित्रता ही हमारी ताक़त है। मैं दिन में तुम्हारे लिए शिकार करूँगा और तुम रात में मेरी रक्षा करोगे।”
दोनों ने मिलकर कुछ समय तक पूरे जंगल पर राज किया। सब जीव-जंतु उनका आदर करने लगे. लेकिन धीरे-धीरे उनके मन में ईर्ष्या पनपने लगी।
उल्लू सोचता—“लोग दिन में बाज़ की बातें करते हैं, मेरी नहीं। सब कहते हैं बाज़ ही असली राजा है।”
बाज़ सोचता—“रात को कौन जागता है? उल्लू को राजा क्यों माना जाए? असली शक्ति तो मेरे पास है।”
उनके मन में शंका और घमंड धीरे-धीरे मित्रता को कमजोर करने लगे। जंगल में एक लोमड़ी भी रहती थी। वह चालाक और अवसरवादी थी। उसने देखा कि बाज़ और उल्लू दोनों शक्तिशाली हैं, लेकिन उनके बीच मतभेद बढ़ रहे हैं।
लोमड़ी ने सोचा—
“अगर मैं इन दोनों को आपस में भड़का दूँ, तो यह आपस में लड़ पड़ेंगे और मुझे फ़ायदा मिलेगा। मैं उनके घोंसलों से अंडे और भोजन चुरा लूँगी।”
एक दिन लोमड़ी बाज़ के पास पहुँची और बोली—
“हे बाज़राज! आप सबसे महान हैं। लेकिन लोग कहते हैं कि असली राजा तो उल्लू है, क्योंकि वह रात में भी शासन करता है। लोग उसके आगे सिर झुकाते हैं।” बाज़ का दिल ईर्ष्या और क्रोध से भर गया।
अगले दिन लोमड़ी उल्लू के पास गई और बोली—
“हे उल्लूराज! आप अंधेरे के स्वामी हैं। लेकिन लोग कहते हैं कि दिन का राजा ही असली राजा होता है। बाज़ ही जंगल का अधिपति है।”
उल्लू भी गुस्से से तिलमिला उठा। अब बाज़ और उल्लू दोनों के दिल में शक भर गया।
एक दिन बाज़ ने कहा—“उल्लू! असली राजा मैं हूँ। दिन में जीवन होता है, शिकार होता है। रात का राज किसी काम का नहीं।”
उल्लू ने पलटकर कहा—“बाज़! तुम घमंड मत करो। असली ताक़त मेरी है। जब अंधेरा छा जाता है, तब पूरा जंगल मेरे अधीन होता है। तुम्हारी नज़र रात में कुछ नहीं देख सकती।”
दोनों में बहस बढ़ी और फिर वह झगड़े में बदल गई। बाज़ ने अपने नुकीले पंजों से उल्लू पर हमला किया। उल्लू ने भी अपनी चोंच और पंजों से पलटवार किया। जंगल में पंख उड़ने लगे, पत्तियाँ झरने लगीं। कभी बाज़ ऊपर से झपटता, कभी उल्लू अंधेरे में छिपकर वार करता। घंटों तक दोनों भिड़ते रहे और बुरी तरह घायल हो गए। जब दोनों थक कर दूर जा बैठे, लोमड़ी ने मौका पाया। वह चुपचाप उनके घोंसलों तक पहुँची। बाज़ के घोंसले में अंडे थे और उल्लू के घोंसले में छोटे बच्चे। लोमड़ी ने सब लूट लिया—अंडे खा लिए, बच्चों को पकड़ लिया और उनके भोजन का भंडार भी ले गई। जब बाज़ और उल्लू घायल अवस्था में लौटे तो उन्होंने देखा—उनके घर उजड़ चुके थे।
बाज़ दुखी होकर बोला—
“मित्र उल्लू, हम मूर्ख निकले। शत्रु की बातों में आकर हमने अपनी मित्रता तोड़ दी।”
उल्लू ने आह भरते हुए कहा—
“सच कहा। अगर हम साथ रहते तो लोमड़ी कभी हमारा नुक़सान नहीं कर सकती थी।”
दोनों ने सिर झुका लिया और मन ही मन समझ गए कि उनकी शक्ति उनके झगड़े से नहीं, बल्कि एकता से थी।
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि शत्रु की बातों में आकर मित्रता तोड़ना हमेशा विनाश लाता है। जब तक मित्र साथ होते हैं, तब तक कोई शत्रु उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। लेकिन जैसे ही मित्र आपस में लड़ने लगते हैं, बाहरी शत्रु मौक़ा पाकर सबकुछ छीन लेता है। इसलिए जीवन में मित्रता की रक्षा करना ही सबसे बड़ी नीति है।
धन्यवाद।
You can read spiritual stories directly on the story reader page. Each story provides complete text content that you can read online without any app download.
Yes, Sanatan provides spiritual stories in multiple languages. You can switch the interface language using the language toggle to read stories in your preferred language.
Some stories have video versions available. When a video is available, you will see a Watch Story button alongside the Read Story button on the story card.